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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम अब पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना होगा

मोदी कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी प्रदान की, रोजगार के दिनों की संख्या अब बढ़कर 125 दिन होगी

वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई समाचार पत्र
13 दिसंबर शनिवार 2025
===================> प्राप्त जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना का नाम बदलकर अब पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना किया जायेगा। प्राप्त जानकारी अनुसार कल शुक्रवार 12 दिसंबर को केन्द्रीय कैबिनेट ने इस योजना का नाम बदलने और इसके अंतर्गत काम के दिनों की संख्या को बढ़ाने वाले बिल को अपनी मंजूरी दे दी है। न्युज एजेसीं पीटीआई के अनुसार इस योजना मे काम के दिनों की संख्या को बढ़ाकर 100 दिनों से 125 दिन किया जायेगा। अभी महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना को मनरेगा या NREGA” के नाम से जाना जाता है। मनरेगा सरकार की एक विशेष योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की रोजी रोटी व्यवस्था को बढ़ाना है। इस योजना के अंतर्गत उस परिवार को एक वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटी वाला कार्य दिया जाना है। इस योजना को वर्ष 2005 में लागू किया गया था। मनरेगा क्या है-: योजना का पूरा नाम- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना । योजना की शुरुआत- वर्ष 2005 में देश भर में शुरू किया गया । योजना को लागू करने का सरकार का उद्देश्य- ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक जरूरतमंद परिवारों को कम से कम सौ दिनों का रोजगार उपलब्ध करवाना। योजना के अंतर्गत काम कैसे मिलता है- 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी ग्रामीण व्यक्ति इस योजना के अंतर्गत काम के आवेदन कर सकता है। योजना मे काम का प्रकार- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, तालाब, खेतों की मेड़, नहर, जल संरक्षण जैसे कार्यों के तहत काम उपलब्ध करवाना। योजना के कानूनी अधिकार- इस योजना के अंतर्गत इच्छुक ग्रामीणों काम देना सरकार की कानूनी जवाबदारी है। योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान- इस योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान सीधे हितग्राही के बैंक या पोस्ट ऑफिस के खातों में भेजी जाती है। योजना के तहत काम नही मिलने पर- इस योजना के अंतर्गत इच्छुक व्यक्ति को 15 दिनों के अंदर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का प्रावधान भी है। इस योजना में महिलाओं की भागीदारी- योजना के अंतर्गत कम से कम एक तिहाई इच्छुक कामगार महिलाएं होनी चाहिए। योजना की निगरानी- सोशल ऑडिट के माध्यम से काम और काम के मजदूरी भुगतान की जांच पड़ताल की जाती है।

अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
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